आपकी टिप्पणी


नमस्कार ! शुभ-प्रभात ! प्रवेशांक की अधीरता से प्रतीक्षा थी । एक बहुत अच्छे प्रयास के लिए साधुवाद ! यह पत्रिका साहित्यजगत में अपना एक स्थान बना सके इसके लिए बहुत-बहुत मंगल कामनायें । प्रवेशांक के सभी रचनाकारों के लिए यह गौरव का विषय है । हम सब के प्रयासों से पत्रिका निरंतर बेहतर होगी ... यह वादा है :) सम्पादक मण्डल को बधायी ....उनके अच्छे प्रयासों के लिए

By Bipin Beohar

बधाई ।बहुत बहुत बधाई ।खूबसूरत रचना के लिए ।अपना रचना संसार और आगे बढायै यही कामना है ।

By Kaushal Kumar Mishra

प्रकृति में जो उद्दाम जिजीविषा का सबक हमको मिलता है वह जीवन की उदासी और बैचेनी से जूझने में हमें लगातार ताकत देता है। पहले अंक की आपकी रचना पहली बार पढ़ कर बधाई दे रहा हूँ।

By P.C. Rath

अंक

Image Credit :- Dr. Harshjeet Singh Bal


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