कविता


ग़ज़ल



मैकदों के पास आकर देखिये । तिश्नगी थोड़ी बढ़ाकर देखिये ।। वह नई उल्फ़त या नागन है कोई । गौर से .......



कविता


The day you called………



Walking alone on the road lonely and lost in thoughts. Suddenly you tapped at the back For a moment world stood still And mind stopped thinking. .....



लेख


अपराधी



बस में बैैठे हुए मुझे झपकी आ गई। सुबह 7 बजे का जगा था। सुबह-सुबह ही मैं दीपक को लेकर मैनपुर के लिये न‍िकल पड़ा था.......



कविता


तुम कर सकती हो



चूल्हा जलाने से बच्चे सुलाने तक, लोरी सुनाने से पति के बुलाने तक, तुम वह सब कुछ कर सकती हो, जो एक पुरुष कर सकता है, ......



अंक

Image Credit :- Dr. Harshjeet Singh Bal


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